

कुशीनगर , सुकरौली स्थानीय विकास खण्ड के ग्राम पंचायत शंखापार परसिया निवासी एडवोकेट प्रेम शंकर त्रिपाठी के बड़े पुत्र हिमांशु त्रिपाठी को पीएचडी के उपाधि मिली है। उन्होंने अपना शोध पंडित दीन दयाल उपाध्याय विश्व विद्यायलय गोरखपुर हिंदी विभाग के प्रोफेसर विमलेश कुमार मिश्र के कुशल निर्देशन में ”आदिवासी जीवन पर केंद्रित हिन्दी उपन्यासों में सामाजिक चेतना” विषय पर पूरा किया। हिमांशु ने बताया कि परस्नातक की पढ़ाई करने दौरान शोध के प्रति मन में रुचि उत्पन्न करने से लेकर शोध पंजीकरण तथा शोध कार्य के सम्पूर्ण होने तक गुरुजन के मार्गदर्शन और मा पिता के आशीर्वाद, मित्रों के सहयोग एवं विश्विद्यालय के कर्मचारियों का भरपूर सहयोग मिला है। इनको पीएचडी की उपाधि मिलने पर प्रो अल्का पाण्डेय, बिनोद शंकर त्रिपाठी, मनोज शंकर त्रिपाठी, शिवराम तिवारी, चन्द्रमौलि त्रिपाठी, इंद्रेश त्रिपाठी, शशांक त्रिपाठी आदि ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हर्ष व्यक्त किया है।
